*आंवला*
किसी भी रूप में थोड़ा सा आंवला हर रोज़ खाते रहे,
जीवन भर उच्च रक्तचाप और हार्ट फेल नहीं होगा।

👉 *मेथी*
मेथीदाना पीसकर रख ले।एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर नित्य पिए।मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले।

इस से आंव नहीं बनेगी,शुगर कंट्रोल रहेगी और जोड़ो के दर्द नहीं होंगे और पेट ठीक रहेगा।

👉 *नेत्र स्नान*
मुंह में पानी का कुल्ला भर कर नेत्र धोये। ऐसा दिन में तीन बार करे।
जब भी पानी के पास जाए,मुंह में पानी का कुल्ला भर ले और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये।
मुंह का पानी एक मिनट बाद निकाल कर पुन: कुल्ला भर ले।मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिए बार बार कुल्ला नया भरते रहे।
भोजन करने के बाद गीले हाथ तौलिये से नहीं पोंछे।आपस में दोनों हाथो को रगड़ कर चेहरा व कानो तक मले।इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं।
नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।

👉 *शौच*
ऐसी आदत डाले के नित्य शौच जाते समय दाँतो को आपस में भींच कर रखे।
इस से दांत मज़बूत रहेंगे,तथा लकवा नहीं होगा।

👉 *छाछ*
तेज और ओज बढ़ने के लिए छाछ का निरंतर सेवन बहुत हितकर हैं।
सुबह और दोपहर के भोजन में नित्य छाछ का सेवन करे।
भोजन में पानी के स्थान पर छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।

👉 *सरसों तेल*
सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल
तीन बूँद दोनों कान में कभी कभी डालते रहे।
इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

👉 *निद्रा*
दिन में जब भी विश्राम करे तो दाहिनी करवट ले कर सोएं और रात में बायीं करवट ले कर सोये। दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर
अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर
अर्थात सूर्य स्वर चलेगा।

👉 *ताम्बे का पानी*
रात को ताम्बे के बर्तन में रखा पानी सुबह उठते बिना कुल्ला किये ही पिए,
निरंतर ऐसा करने से आप कई रोगो से बचे रहेंगे।
ताम्बे के बर्तन में रखा जल गंगा जल से भी अधिक शक्तिशाली माना गया हैं।

👉 *सौंठ*
सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम और कफ से बचने के लिए पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।

रात को सोने से पहले यह पिए।

बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं।
सौंठ नहीं हो तो अदरक का इस्तेमाल कीजिये।

👉 *टाइफाइड*
चुटकी भर दालचीनी की फंकी चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ दिन में दो बार लेने से टाइफाईड नहीं होता।

👉 *ध्यान*
हर रोज़ कम से कम 15 से 20 मिनट मैडिटेशन ज़रूर करे।

👉 *नाक*
रात को सोते समय नित्य सरसों का तेल नाक में लगाये।
हर तीसरे दिन दो कली लहसुन रात को भोजन के साथ ले।
प्रात: दस तुलसी के पत्ते और पांच काली मिर्च नित्य चबाये।
सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा।
नाक स्वस्थ रहेगी।

👉 *मालिश*
स्नान करने से आधा घंटा पहले सर के ऊपरी हिस्से में सरसों के तेल से मालिश करे।इस से सर हल्का रहेगा,मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।

रात को सोने से पहलेपैर के तलवो, नाभि,कान के पीछे और गर्दन पर सरसों के तेल की मालिश कर के सोएं।

निद्रा अच्छी आएगी, मानसिक तनाव दूर होगा।त्वचा मुलायम रहेगी।

सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में मालिश ज़रूर करे।

👉 *योग और प्राणायाम*
नित्य कम से कम आधा घंटा योग और प्राणायाम का अभ्यास ज़रूर करे।

👉 *हरड़*
हर रोज़ एक छोटी हरड़ भोजन के बाद दाँतो तले रखे और इसका रस धीरे धीरे
पेट में जाने दे।जब काफी देर बाद ये हरड़ बिलकुल नरम पड़ जाए तो चबा चबा कर निगल ले।

इस से आपके बाल कभी सफ़ेद नहीं होंगे,दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे
और पेट के रोग नहीं होंगे।

👉 *सुबह की सैर*
सुबह सूर्य निकलने से पहलेपार्क या हरियाली वाली जगह पर सैर करना सम्पूर्ण स्वस्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं।

इस समय हवा में प्राणवायु का बहुत संचार रहता हैं।जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीररोग मुक्त रहता हैं और हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।

👉 घी खाये मांस बढ़े,अलसी खाये खोपड़ी,
दूध पिये शक्ति बढ़े,भुला दे सबकी हेकड़ी।

👉तेल तड़का छोड़ कर,नित घूमन को जाय,
मधुमेह का नाश हो,जो जन अलसी खाय ।।

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🙏🏻मानव सेवा को समर्पित उपक्रम🙏🏻

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ठंड में गुड़ खाने के ये फायदे आपको चौका देंगे

 

सर्दियों में गुड़ या इससे बनी चीजें खाने से बहुत से फायदे हो सकते हैं. यदि आप सोचते हैं कि यह सिर्फ मुंह में मिठास ही घोलता है तो ऐसा नहीं है. गुड़ खाने से कई सारी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है.

1) गुड़ खाने से शरीर में रक्तचाप का संचार बड़ी आसानी से होता है. अगर आप रोजाना गुड़ खाते हैं, तो यह आपके शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर कर देता है और आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है. इसके अलावा इसमें फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों और मांसपेशियां को मजबूत बनाने में सहायक है.

2) गुड़ गरम होता है. गुड़ खाने से शरीर में गर्माहट आती है और इसके सेवन से ठंड के मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम, खांसी आदि से राहत मिलती है. डॉक्टरों का भी कहना है कि इस मौसम में सोने से पहले थोड़ा-सा गुड़ खाकर ऊपर से दूध पीने से सर्दी-जुकाम, शारीरिक कमजोरी और थकावट दूर हो जाती है. आप रोजाना एक छोटी डली गुड़ खाने लगेंगे तो शरीर ताकतवर बन सकता है.

3) गुड़ गन्ने के रस से बनता है और गन्ने में आयरन की मात्रा बहुत होती है, इसलिए गुड़ खाने से शरीर में आयरन की कमी दूर होती है. यही नहीं, अधिक मात्रा में आयरन मौजूद होने के कारण इसे खाने से एनीमिया जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीज को काफी हद तक फायदा मिलता है.

4) गुड़ खाने से पेट से जुड़ी बीमारी जैसे गैस या एसिडिटी जैसी परेशानी नहीं होती. इसके लिए आप खाने के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाएं. इसके अलावा रोजाना गुड़ खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है. यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने में यह काभी मददगार साबित हो सकता है.

36 इंच की कमर को 30 की करने के लिए खाएं ये चीजें

भाग-दौड़ भरी जिंदगी में खान-पान और एक्सरसाइज के लिए समय नहीं निकाल पाती हैं, जिससे वजन बढ़ता जाता है. सबसे ज्यादा टेंशन आपको मोटी कमर देती है. इसे लेकर परेशान भी रहती हैं तो इस टेंशन से मुक्ति दिलाने का राज यहां छुपा है.

एक नज़र
किस बीमारी के लिए : मोटापा

टिप्‍स

– कमर की चर्बी कम करने के लिए यूं तो नींबू पानी का सहारा ले रही होंगी. यह बेली फैट कम करने के लिए सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है.

– तरबूजा, राजमा, होलमील ब्रेड, अलग-अलग तरह की दालें और हाथी चक्र को डाइट में शामिल कर कमर की बढ़ी चर्बी को घटाया जा सकता है.

इसके अलावा ये होममेड चीजें भी बेली फैट कम करने में सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं.

– एक कप उबलते पानी में आधा चम्मच सौंफ डाल दें. इसे 10 मिनट तक ढककर रखें. ठंडा होने पर इस पानी को पी लें. ऐसा लगातार करते रहने से वजन कम होने लगता है.

– पुदीने की चटनी को रोटी के साथ खाने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है. पुदीने वाली चाय पीने से वेट कंट्रोल में रहता है.

– वजन कम करने के लिए जरूरत होती है डाइट में कम कैलोरी वाला खाना खाने की. फलों और हरी सब्जियों में कम कैलोरी होती है. इसलिए रोजाना के आहार में शामिल करें. हां, लेकिन केला और चीकू खाने से बचें. ये वजन बढ़ाने वाले फल हैं.

लंबे समय तक पपीता खाने से कमर की एक्स्ट्रा चर्बी घटती है. पका या फिर कच्चे पपीते की सब्जी या जूस भी पी सकती हैं.

– शक्कर, आलू और चावल में बहुत ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है. इसलिए इन्हें खाने से बचें. वहीं गेहूं के आटे की रोटी की बजाय गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी खाना फायदेमंद हो सकता है. बाजार में मल्टीग्रेन आटा भी मिलता है.

चोकर वाले आटे की रोटी खाने से भी वजन कंट्रोल होता है. कमर में जमने वाली चर्बी भी कंट्रोल में रहती है.

चेहरे को एकदम से ऐसा गोरा कर देगा ये नुस्ख़ा की लोग पूछने लगेंगे

लड़कियां खुद को दूसरी लडकियों से ज्यादा सुंदर लगने के लिए बहुत मेहनत करती हैं. वो खाली समय में इंटरनेट और टीवी पर खुद को सुंदर बनाने वाले घरेलू नुस्खों को देखकर खुद पर आजमाती हैं, उन्हें लगता है कि ऐसा करने से वो सच में सुंदर लगने लगेगी. ऐसा करते हुए कई बार लड़कियां अपनी त्वचा को नुक्सान पहुंचा देती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाने से कुछ ही दिनों में आपका चेहरा चमकने लगेगा.

जैसा कि सभी जानते है हमारे पुराने समय से दादी, नानी मां के घरेलू नुस्खें चलते आ रहें है. पुराने समय में वैघ भी ऐसे होते थे की दो मिनट में नब्ज देखकर परेशानी के बारें में बता देते थें वही पहले किसी को कोई छोटी- मोटी बीमारी हो जाती तो आसानी से घरेलू उपचार से ऐसे ही ठीक हो जाती थी और साथ के साथ यह उपचार काफी सस्ते होते है. इसी तरह का एक नुस्खा हम आपके लिए लेकर आए है जो कि एक ब्यूटी से संबंधित है.

 

इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको – 2 चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच शहद और 2 चम्मच गुलाब जल लेना है. एक बाउल में सब चीज़े मिलाकर फेसपैक बनाना है. शहद आपके चेहरे को चमक देगा और साथ ही नमी भी देगा.

इस फसपैक को लगाने से पहले अपने चेहरे को धो लें उसके बाद इस फैक को अपने चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट तक इस फैक को चेहरे पर लगे रहने दें और बाद चेहरा ठंडे पानी से धो लें. जब आप अपने चेहरे को धोएंगे तो आपको दिखेगा कि आपकी त्वचा गोरी पर चमकदार हो गई है. इस नुस्खें को आप हफ्ते में दो बार कर सकते हैं.

you are free to message us and We will be happy to provide you with an answer.

5 home remedies for sinus that will bring you instant relief

Weather these days is just pathetic. But, for those who suffer from sinus, it’s even worse. You end up sneezing and coughing all day and depend heavily on antibiotics. Now, that’s one of the solutions, but there are other ways too. For instance, you can give some tried-and-tested home remedies a try. Most importantly, you don’t need to buy a thousand products to treat your sinus with these hacks. Ingredients lying around in your kitchen would just suffice.

So, here are a few:

Trust Haldi and Ginger To Do The Trick For You

Haldi not only adds flavour to your food, but it can also treat your sinus. For starters, it has natural anti-inflammatory properties and its rich in antioxidants. Now, if you add it to ginger and brew it in some hot tea–your sinus will stop bothering you. Plus you can also have ginger juice mixed with one teaspoon of honey. Just make sure to consume it two to three times a day.

Have Chicken Soup

All you non-veg lovers, rejoice! We have some good news for you. Chicken soup can help treat your sinus. In fact, a 2000 study states that it reduces inflammation associated with sinus congestion and cold. All you need to do is drink a bowlful of piping hot chicken soup before going to bed.

Now, you would know that regular steam unblocks your nose. But, when you have sinus, you need to do a little extra. So, begin by taking a bowl of hot water. Add three drops of rosemary, one drop of pudine ka tel, and peppermint oil to it. Drape a towel over your heard and try to breathe in the steam. This will help in clearing your nasal passage.

Make Nose Drops to Clear Nasal Blockage

This is a trick that will come in handy every time you suffer from sinus troubles. Add half a teaspoon of salt to half of cup lukewarm water. Mix it well and pour it in a squeeze bottle. Squeeze five drops of the mixture into your nostrils. Tilt your head while doing it. This will help you breathe better and flush away the bacteria.

Hydrate Yourself Regularly

When you are suffering from sinus, it’s best to keep yourself hydrated. Drink lots of water, tea, and juices without sugar. The fluids will help in thinning mucus and help soothe your sinus. Just avoid drinking coffee and smoking as they lead to dehydration.

*उबलतें दूध में जब डाली जाती हैं तुलसी की पतियाँ तो होता है चमत्कार – Tulsa with Milk*🌿

घरेलू नुस्खे बिना किसी साइड इफेक्ट के कई बीमारियों को दूर करते हैं। पीढि़यों से चले आ रहे ये नुस्खे हमेशा से फायदेमंद साबित हुए है और शायद आगे भी होते रहेंगे।

ऐसे ही कुछ टिप्स तुलसी को लेकर भी है। तुलसी एक ऐसा हर्ब है जो कई समस्याओं को आसानी से दूर कर सकती है। सर्दी जुकाम हो या सिरदर्द तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी को अगर दूध के साथ मिला लिया जाये तो ये कई बीमारियों के लिए रामबाण साबित होती है।

आज हम आपको बता रहे हैं कैसे तुलसी की तीन से चार पत्तियां उबलते हुए दूध में डालकर खाली पेट पीने से आप सेहतमंद रह सकते हैं।

*किडनी की पथरी में*
यदि किडनी में पथरी की समस्या हो गई हो और पहले दौर में आपको इसका पता चलता है तो तुलसी वाला दूध का सेवन सुबह खाली पेट करना शुरू कर दें। इस उपाय से कुछ ही दिनों में किडनी की पथरी गलकर निकल जाएगी। आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

*दिल की बीमारी में*
यदि घर में किसी को दिल से सबंधित कोई बीमारी है या हार्ट अटैक पड़ा हो तो आप तुलसी वाला दूध रोगी को सुबह के समय खाली पेट पिलाएं। इससे दिल से संबंधित कई रोग ठीक होते हैं।

*सांस की तकलीफ में*
सांस की सबसे खतरनाक समस्या है दमा। इस रोग में इंसान को सांस लेने में बड़ी परेशानी आती है। खासतौर पर तब जब मौसम में बदलाव आता है। इस
समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि आप दूध और तुलसी का सेवन करें। नियमित इस उपाय को करने से सांस से संबंधित अन्य रोग भी ठीक हो जाएगें।

*कैंसर की समस्या*
एंटीबायोटिक गुणों की वजह से तुलसी कैंसर से लड़ने में सक्षम होती है। दूध में भी कई तरह के गुण होते हैं जब दोनों आपस में मिलते हैं तो इसका प्रभाव बेहद प्रभावशाली और रोग नाशक हो जाता है। यदि आप नियमित तुलसी वाला दूध पीते हैं तो कैंसर जैसी बीमारी शरीर को छू भी नहीं सकती है।

*फ्लू*
वायरल फ्लू होने से शरीर कमजोर हो जाता है। यदि आप दूध में तुलसी मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करते हो ता आपको फ्लू से जल्दी से आराम मिल जाएगा।

*टेंशन में*
अधिक काम करने से या ज्यादा जिम्मेदारियों से अक्सर हम लोग टेंशन में आ जाते हैं एैसे में हमारा नर्वस सिस्टम काम नहीं कर पाता है और हम सही गलत का नहीं सोचते हैं। यदि इस तरह की समस्या से आप परेशान हैं तो दूध व तुलसी वाला नुस्खा जरूर अपनाएं। आपको फर्क दिखने लगेगा।

*सिर का दर्द और माइग्रेन में*
सिर में दर्द होना आम बात है। लेकिन जब यह माइग्रेन का रूप ले लेती है तब सिर का दर्द भयंकर हो जाता है। ऐसे में सुबह के समय तुलसी के पत्तों को दूध में डालकर पीना चाहिए। यह माइग्रेन और सिर के सामान्य दर्द को भी ठीक कर देती है। अक्सर हमारे घर में बहुत सी प्राकृतिक औषधियां होती है जिनके बारे में पता रहने से हम मंहगी दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट से बच सकते हैं।

यह मैसेज अगर आपको अच्छा लगे या समझ में आये की यह किसी के लिया रामबाण की तरह काम आएगा तो आप से 🙏निवेदन है कि इस 📨मैसेज को अपने *परिचित /मित्र/ या आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप फ्रेंड्स* तक भेज दे ।
आपका यह कदम *स्वस्थ भारत के निर्माण* मैं योगदान के रूप में होगा
दुआ मैं बड़ी ताकत होती है।

*स्वस्थ रहो मस्त रहो व्यस्त रहो और सदा खुश रहो*

*नोट :-आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगती है तो प्ल्ज़ आप अपने किसी ग्रुप मे फोरवरड करे ताकि आपके साथ लोगो को भी फायदा पहुच सके*

पपीते के पत्तो की चाय

 

पपीते के पत्तो की चाय किसी भी स्टेज के कैंसर को सिर्फ 60 से 90 दिनों में कर देगी जड़ से खत्म,पपीते के पत्ते 3rd और 4th स्टेज के कैंसर को सिर्फ 35 से 90 दिन में सही कर सकते हैं।

अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, बहरहाल प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और छोटा मोटा प्रयोग, मगर आज जो हम आपको बताने जा रहें हैं, ये वाकई आपको चौंका देगा, आप सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग को जड़ से ख़त्म कर सकते हैं।

ये प्रकृति की शक्ति है और बलबीर सिंह शेखावत जी की स्टडी है जो वर्तमान में as a Govt. Pharmacist अपनी सेवाएँ सीकर जिले में दे रहें हैं।

आपके लिए नित नवीन जानकारी कई प्रकार के वैज्ञानिक शोधों से पता लगा है कि पपीता के सभी भागों जैसे फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ सभी के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की क्षमता पाई जाती है।
विशेषकर पपीता की पत्तियों के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसकी वृद्धि को रोकने का गुण अत्याधिक पाया जाता है। तो आइये जानते हैं उन्ही से।
University of florida ( 2010) और International doctors and researchers from US and japan में हुए शोधो से पता चला है की पपीता के पत्तो में कैंसर कोशिका को नष्ट करने की क्षमता पाई जाती है।

Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां डायरेक्ट कैंसर को खत्म कर सकती है, उनके अनुसार पपीता कि पत्तिया लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है जिनमे मुख्य है।

breast cancer, lung cancer, liver cancer, pancreatic cancer, cervix cancer, इसमें जितनी ज्यादा मात्रा पपीता के पत्तियों की बढ़ाई गयी है, उतना ही अच्छा परिणाम मिला है, अगर पपीता की पत्तिया कैंसर को खत्म नहीं कर सकती है लेकिन कैंसर की प्रोग्रेस को जरुर रोक देती है।।

तो आइये जाने पपीता की पत्तिया कैंसर को कैसे खत्म करती है?

1. पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को ब़ढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है।

2. पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने (proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मौजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है।

Papain blood में जाकर macrophages को उतेजित करता है जो immune system को उतेजित करके कैंसर कोशिका को नष्ट करना शुरू करती है, chemotheraphy / radiotheraphy और पपीता की पत्तियों के द्वारा ट्रीटमेंट में ये फर्क है कि chemotheraphy में immune system को दबाया जाता है जबकि पपीता immune system को उतेजित करता है, chemotheraphy और radiotheraphy में नार्मल कोशिका भी प्रभावित होती है पपीता सोर्फ़ कैंसर कोशिका को नष्ट करता है।

सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है।।

कैंसर में पपीते के सेवन की विधि :

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय। दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें, ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होने वाली है। अब आइये जाने लेते हैं पपीते की चाय बनाने की विधि।

1. 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुखा ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबालें।

इतना उबाले के ये आधा रह जाए। इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए। और अगर ज्यादा बनाया है तो इसको आप दिन में 3 से 4 बार पियें। बाकी बचे हुए लिक्विड को फ्रीज में स्टोर का दे जरुरत पड़ने पर इस्तेमाल कर ले। और ध्यान रहे के इसको दोबारा गर्म मत करें।

2. पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें। अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml। रह जाए तो इसको छान कर 125 ml. करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें। यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं।

पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा। और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है।

कब तक करें ये प्रयोग वैसे तो ये प्रयोग आपको 5 हफ़्तों में अपना रिजल्ट दिखा देगा, फिर भी हम आपको इसे 3 महीने तक इस्तेमाल करने का निर्देश देंगे। और ये जिन लोगों का अनुभूत किया है उन लोगों ने उन लोगों को भी सही किया है, जिनकी कैंसर में तीसरी और चौथी स्टेज थी।